बलौदाबाजार के पलारी में दोस्ती और इंसानियत की मिसाल सामने आई है। होरी लाल देवांगन ने अपने दिवंगत दोस्त भाऊ वर्मा से किया वादा निभाया। करीब 10 साल पहले भाऊ वर्मा ने मृत्यु से पहले अपनी मां की देखभाल की जिम्मेदारी होरी लाल को सौंपी थी। भाऊ की मौत के बाद उनकी 72 वर्षीय मां कामिन वर्मा अकेली पड़ गई थीं। उनके पति और दोनों बेटों का पहले ही निधन हो चुका था। होरी लाल ने बुजुर्ग महिला को अपने घर में रखकर करीब एक दशक तक उनकी सेवा की। मजदूरी करने वाले होरी लाल ने उनकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा। मंगलवार को कामिन वर्मा का निधन हो गया। इसके बाद होरी लाल ने बेटे की तरह उनके अंतिम संस्कार की सभी रस्में निभाईं। पलारी के मुक्तिधाम में उन्होंने अंतिम संस्कार किया। वहां मौजूद लोग इस घटना को देखकर भावुक हो गए। लोगों ने होरी लाल के समर्पण को सच्ची दोस्ती और इंसानियत की मिसाल बताया। इस तरह उन्होंने अपने दिवंगत दोस्त से किया वादा आखिरी सांस तक निभाया।
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