दुर्ग जिले में निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पालकों की शिकायत थी कि कई स्कूल बच्चों की किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री एक तय दुकान से खरीदने का दबाव बना रहे हैं। शिकायतों के बाद जिला शिक्षा विभाग ने जांच के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर समितियों का गठन किया है। अब ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिला स्तरीय समिति में कलेक्टर अभिजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी और राज्य कर विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं। विकासखंड स्तर पर भी अलग-अलग जांच दल बनाए गए हैं। समितियां फीस बढ़ोतरी और ड्रेस-किताब बिक्री से जुड़ी शिकायतों की निगरानी करेंगी। कार्रवाई छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक 2020 के तहत की जाएगी। पालकों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी शुरू किया गया है। अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत व्हाट्सऐप और मोबाइल नंबर के जरिए भी भेजी जा सकेगी। शिक्षा विभाग ने कहा कि शिकायत मिलने पर दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन के इस फैसले से पालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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