भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहां शेर और बाघ दोनों प्राकृतिक रूप से जंगलों में पाए जाते हैं। यहां एशियाई शेर और बंगाल टाइगर अपनी-अपनी प्राकृतिक आवासों में निवास करते हैं। एशियाई शेर मुख्य रूप से गुजरात के गिर वन क्षेत्र तक सीमित हैं। दूसरी ओर, बंगाल टाइगर देश के विभिन्न टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्रों में पाए जाते हैं। भारत की भौगोलिक और जैव विविधता इस अनोखी स्थिति को संभव बनाती है। ऐतिहासिक रूप से शेर और बाघों के निवास क्षेत्र कुछ स्थानों पर एक-दूसरे से जुड़े हुए माने जाते थे। समय के साथ मानव गतिविधियों और आवासीय बदलावों के कारण इनके क्षेत्र अलग-अलग हो गए। वर्तमान में दोनों प्रजातियां भौगोलिक रूप से अलग क्षेत्रों में रहती हैं। भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रोजेक्ट टाइगर और एशियाई शेर संरक्षण कार्यक्रमों ने इन प्रजातियों की संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। देश के संरक्षित वन क्षेत्र और राष्ट्रीय उद्यान जैव विविधता के संरक्षण में योगदान दे रहे हैं। शेर और बाघ दोनों का एक ही देश में प्राकृतिक रूप से पाया जाना भारत की समृद्ध वन्यजीव विरासत का प्रतीक माना जाता है। यह उपलब्धि वैश्विक वन्यजीव संरक्षण के दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व रखती है।
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