हृदय रोग विशेषज्ञों ने कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए नई सलाह जारी की है। अब केवल एलडीएल कोलेस्ट्रॉल पर निर्भर रहने के बजाय तीन अतिरिक्त संकेतकों पर भी ध्यान देने की बात कही गई है। इनमें नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल, एपोबी (ApoB) और एलपी(ए) शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नॉन-एचडीएल और एपोबी हृदय रोग के जोखिम का अधिक व्यापक आकलन करते हैं। एलपी(ए) एक आनुवंशिक जोखिम कारक है, जिसकी जांच हर व्यक्ति को कम से कम एक बार करानी चाहिए। यह परीक्षण सामान्य कोलेस्ट्रॉल जांच में शामिल नहीं होता। दक्षिण एशियाई लोगों में एलपी(ए) का स्तर अपेक्षाकृत अधिक पाया जाता है। इसी कारण इस समुदाय में कम उम्र में हृदय रोग का खतरा भी ज्यादा हो सकता है। इन संकेतकों की समय पर जांच से जोखिम का बेहतर आकलन किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही जानकारी के आधार पर समय रहते बचाव के कदम उठाए जा सकते हैं। स्वस्थ जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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