लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने दिल्ली के मालवीय नगर में हुए हादसे की यादें फिर ताजा कर दी हैं। दोनों घटनाओं में सामने आया है कि कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे थे। नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। आग की घटनाओं के बाद संबंधित सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं। जांच में आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी जानकारी सामने आई है। इन मामलों ने शहरी सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है। अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। कई जगहों पर फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। दोनों हादसों ने प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बेहतर निगरानी और सख्त नियमों के पालन की जरूरत को दर्शाती हैं। सरकार से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही है।
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