जेनरेटिव एआई (Generative AI) भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़ी क्रांति लाने के लिए तैयार है। एक अनुमान के अनुसार, यह तकनीक दक्षता और बेहतर निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करके सात वर्षों में इस सेक्टर में 14 से 17 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त योगदान दे सकती है। एआई न केवल परियोजनाओं के निर्माण में तेजी और लागत में कमी लाने में सहायक होगा, बल्कि घर खरीदने के अनुभव को भी पूरी तरह बदल देगा। खरीदारों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझकर उन्हें व्यक्तिगत सुझाव देने और अधिक उत्तरदायी आवास समाधान (responsive housing solutions) प्रदान करने में एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में, यह तकनीक घर खरीदने और रहने के अनुभव को अधिक सहज, किफायती और व्यक्तिगत बनाने का वादा करती है।
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