भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A की डिलीवरी में हो रही देरी को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। यह प्रोजेक्ट देश के प्रमुख रक्षा कार्यक्रमों में शामिल है और इसकी समयसीमा में लगातार देरी पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार इस मामले में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर भारी जुर्माना लगाने पर विचार कर रही है। तेजस Mk1A को भारतीय वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। डिलीवरी में देरी से वायुसेना की आधुनिकीकरण योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सरकार चाहती है कि उत्पादन और सप्लाई चेन को तेज किया जाए ताकि समय पर विमानों की आपूर्ति हो सके। इस मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय और HAL के बीच लगातार समीक्षा बैठकें चल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि देरी का असर देश की रक्षा तैयारियों पर पड़ सकता है। हालांकि, परियोजना को पूरी तरह से रणनीतिक और आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा माना जाता है। सरकार की प्राथमिकता है कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को समय पर पूरा किया जाए।
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