तुर्की ने अपने नए जेट-इंजन संचालित स्टील्थ अनमैन्ड फाइटर Bayraktar Kizilelma के फायरिंग टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इस परीक्षण को उसकी लड़ाकू क्षमता में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह ड्रोन सटीक निशाने पर हमला करने की क्षमता प्रदर्शित कर चुका है। इससे पहले तुर्की का Bayraktar TB2 ड्रोन भी वैश्विक स्तर पर काफी सफल रहा है। Kizilelma को अगली पीढ़ी के लड़ाकू ड्रोन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य के युद्धों में मानव और मशीन के संयुक्त संचालन को मजबूत करना है। इसी बीच भारत भी अपने स्वदेशी कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम (CATS) पर काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत CATS Warrior नामक ‘लॉयल विंगमैन’ ड्रोन विकसित किया जा रहा है। यह मानव चालित लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। वैश्विक स्तर पर अब हवाई युद्ध में मानव और अनमैन्ड सिस्टम के संयुक्त उपयोग का रुझान बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सिस्टम भविष्य की वायुसेना की रणनीति बदल सकते हैं। भारत का यह प्रोजेक्ट भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देशों की प्रगति आधुनिक रक्षा तकनीक में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है।
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