ताइवान ने दक्षिण चीन सागर के द्वीपों पर रोबोट डॉग्स तैनात करने की योजना बनाई है, ताकि चीन के बढ़ते सैन्य खतरे से निपटा जा सके। ये चार पैरों वाले उन्नत रोबोट गश्त करेंगे, क्षेत्र की निगरानी करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर गन से फायरिंग भी कर सकते हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये रोबोट दुर्गम और संवेदनशील इलाकों में मानव सैनिकों की जगह लेंगे, जिससे जानमाल का खतरा कम होगा। यह कदम ताइवान जलडमरूमध्य में लगातार चीन के सैन्य अभ्यास और दबाव के बीच उठाया गया है। रोबोट डॉग्स उन्नत सेंसर, थर्मल इमेजिंग और चेहरे की पहचान तकनीक से लैस होंगे। ताइवान का कहना है कि यह आत्मरक्षा के लिए एक नई और स्मार्ट रणनीति है। चीन ने ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा बताते हुए इस तरह के सैन्यीकरण की निंदा की है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोट डॉग्स ताइवान की रक्षा क्षमता को बढ़ाएंगे, लेकिन क्षेत्र में तनाव भी बढ़ सकता है। इस परियोजना पर लगभग 15 करोड़ डॉलर खर्च होने का अनुमान है और इसे अगले दो वर्षों में पूरा करने की योजना है।
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