अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हाल के दिनों में ईरान के साथ हुए शांति समझौते के प्रमुख सार्वजनिक चेहरे के रूप में उभरे हैं। वे इस डील का जोरदार बचाव कर रहे हैं, जबकि इसके खिलाफ राजनीतिक आलोचना लगातार बढ़ रही है। विश्लेषकों का कहना है कि इस समझौते को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मतभेद सामने आ रहे हैं। वेंस का यह सक्रिय रोल उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की मुख्य आवाज के रूप में स्थापित कर रहा है। इसी बीच 2028 राष्ट्रपति चुनाव को लेकर उनके संभावित दावेदारी की अटकलें भी तेज हो गई हैं। आलोचकों का कहना है कि ईरान डील में नरमी और कूटनीतिक रुख को लेकर वेंस पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। समर्थक इसे उनकी ‘पीस-डील मेकर’ छवि के रूप में देख रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में ट्रंप का प्रभाव अभी भी प्रमुख बना हुआ है, जबकि वेंस आगे की रणनीति संभालते नजर आ रहे हैं। मध्य पूर्व में तनाव कम करने की कोशिशों के बीच यह समझौता अमेरिकी राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह भूमिका वेंस के 2028 के राजनीतिक भविष्य को भी प्रभावित कर सकती है।
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