रायपुर के मंदिरहसौद क्षेत्र में पेट्रोलियम टैंकरों से ईंधन चोरी के मामलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि अब पेट्रोल-डीजल के साथ एथेनॉल की चोरी भी की जा रही है। पिछले करीब एक साल में ऐसे 10 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें कई मामलों में साव परिवार के सदस्यों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि टैंकर चालकों और अन्य लोगों की मिलीभगत से डिपो से निकलने के बाद ईंधन चोरी किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि घरेलू सिलेंडरों में बची गैस को अवैध तरीके से जमा कर बेचने का नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इस अवैध कारोबार से करोड़ों रुपये की कमाई का अनुमान लगाया गया है। मंदिरहसौद स्थित पेट्रोलियम डिपो से निकलने वाले टैंकरों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। अधिकारियों के अनुसार टैंकरों में जीपीएस और रूट मॉनिटरिंग को और मजबूत करने की जरूरत है। पुलिस ने डिपो क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। मामले में पुलिस टैंकर चालकों और संभावित सिंडिकेट की भूमिका की जांच कर रही है।
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