सूरजपुर जिले के मदननगर में प्रस्तावित एसईसीएल कोयला खदान को लेकर चल रहा विरोध हिंसक टकराव में बदल गया। पुलिस सरपंच बाबूलाल पोया समेत चार ग्रामीणों को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। ग्रामीणों ने इसे खदान विरोधी आंदोलन को कमजोर करने की कार्रवाई बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच पथराव और लाठी-डंडों से झड़प हो गई। हमले में डीएसपी समेत 26 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस वाहनों और दो बसों में तोड़फोड़ भी की। घटना के बाद ग्रामीणों ने अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब तीन वर्षों से ग्रामीण प्रस्तावित खदान और विस्थापन नीति का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें उचित मुआवजा और रोजगार की गारंटी नहीं मिल रही है। प्रशासन ने बताया कि पुलिस केवल पुराने आपराधिक मामलों के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गई थी। कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी के बावजूद देर शाम तक इलाके में तनाव बना रहा।
Source: Source