अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पूर्व अध्यक्ष Jerome Powell ने सार्वजनिक संस्थानों के राजनीतिकरण को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक सहित कई प्रमुख संस्थान एक प्रकार की ‘कठिन परीक्षा’ से गुजर रहे हैं। पॉवेल का मानना है कि स्वतंत्र संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने संकेत दिया कि राजनीतिक दबावों के बीच संस्थागत स्वतंत्रता की रक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राजनीति में विभिन्न संस्थाओं की भूमिका पर बहस तेज है। पॉवेल ने कहा कि केंद्रीय बैंकों को अपने निर्णय आर्थिक तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर लेने चाहिए। उन्होंने संस्थानों की दीर्घकालिक विश्वसनीयता को लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती से जोड़ा। उनके अनुसार, सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए संस्थागत स्वतंत्रता आवश्यक है। पॉवेल ने यह भी कहा कि वर्तमान माहौल में कई संस्थाएं बढ़ती सार्वजनिक और राजनीतिक जांच का सामना कर रही हैं। उन्होंने इसे व्यापक संस्थागत दबावों के संदर्भ में देखा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी टिप्पणियां आर्थिक और राजनीतिक संस्थाओं के संबंधों पर चल रही बहस को और गति दे सकती हैं। केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को वैश्विक वित्तीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पॉवेल के बयान ने शासन, नीति निर्माण और संस्थागत स्वायत्तता पर नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है।
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