पंजाब के जालंधर में कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। साझी तालमेल कमेटी के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन के कारण सरकारी दफ्तरों का कामकाज प्रभावित हुआ है। कई सरकारी कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की भागीदारी से शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा। डीसी कार्यालय कर्मचारी यूनियन के प्रधान तेजिंदर सिंह नंगल ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लगातार टाल रही है। उनके अनुसार, 18 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ हुई बैठक में सरकार ने केवल 8 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) देने की बात कही थी। बाकी मांगों पर बाद में फैसला लेने का आश्वासन दिया गया था। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में दोबारा बैठक कर अन्य मुद्दों का समाधान निकालने की बात कही थी। हालांकि, 15 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद अगली बैठक नहीं बुलाई गई, जिसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल का फैसला किया। 21 अक्टूबर को मुख्य सचिव ने सुबह 10:30 बजे यूनियन को बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन बैठक की आधिकारिक कार्यवाही रिपोर्ट जारी नहीं होने के कारण यूनियन ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके बाद सरकार ने 18 सितंबर की बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट जारी की और मुख्य सचिव ने शाम 4 बजे दोबारा वार्ता के लिए बुलाया। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी प्रमुख मांगों पर ठोस सहमति नहीं बनती, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। शाम की बैठक में समाधान नहीं निकलने पर कमेटी ने और व्यापक तथा सख्त राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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