जालंधर के शिक्षा विभाग ने जनगणना सर्वे में शामिल न होने पर 82 सरकारी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन शिक्षकों ने ट्रेनिंग लेने और किट प्राप्त करने के बाद भी अपने आवंटित मकानों का सर्वे शुरू नहीं किया। विभाग ने सभी गैरहाजिर शिक्षकों की सैलरी रोकने का निर्देश भी दे दिया है। शिक्षकों को बिना पूर्व अनुमति के स्कूलों में जाने से भी मना किया गया है। उन्हें तहसीलदार कार्यालय में पेश होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत 3 साल की कैद और 1,000 रुपये जुर्माना हो सकता है। नोटिस में कहा गया है कि किसी भी शिक्षक ने प्रगति रिपोर्ट सबमिट नहीं की। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने शिक्षकों से ड्यूटी निभाने की अपील की है।
Source: Source