छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। राज्य में लगभग 3789 स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं, जिससे छात्रों की सुरक्षा को खतरा बताया जा रहा है। 16 जून से प्रदेश में शाला प्रवेश उत्सव के साथ नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। हालांकि, कई स्कूलों की इमारतें पुरानी और कमजोर होने के कारण चिंता बढ़ गई है। मानसून के दौरान इन भवनों में बड़े हादसों की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई स्कूलों की संरचना मरम्मत के अभाव में बेहद कमजोर हो चुकी है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। शिक्षा विभाग पर स्कूलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरकार से जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की जा रही है। यह स्थिति राज्य की शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक चुनौतियों को उजागर करती है।
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