छत्तीसगढ़ में राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे गौमांस खाते हैं, फिर भी प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस पर रामभद्राचार्य सहमत हैं। भूपेश बघेल ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनसे पेट्रोल और डीजल सस्ता कराने की पर्ची निकलवानी चाहिए। इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने भी संतों को लेकर कई बयान दिए हैं, जिससे विवाद बढ़ा है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक बताते हुए उन्हें जगद्गुरु मानने से इनकार किया था। इस पर रामभद्राचार्य ने पलटवार करते हुए अपने जगद्गुरु होने की वैधता का दावा किया और कहा कि उन्हें संत समाज की मान्यता प्राप्त है। उन्होंने कांग्रेस पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं भूपेश बघेल पहले भी धीरेंद्र शास्त्री को भाजपा का एजेंट बता चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में धार्मिक और राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
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