लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के अभनपुर में कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्षों को चुनावी मिशन 2028 के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। राहुल ने स्पष्ट किया कि पार्टी में गुटबाजी और व्यक्ति पूजा के बजाय कार्यकर्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने नेताओं को डर से मुक्त होकर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन करने और जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों को उठाने का आह्वान किया। राहुल ने डिजिटल मॉनिटरिंग का ऐलान करते हुए कहा कि अब हर जिलाध्यक्ष की गतिविधियों का आकलन डिजिटल रिपोर्ट के आधार पर होगा और अच्छा प्रदर्शन करने वालों को बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने ब्लॉक और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। इसके अलावा, केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए उन्होंने इसे पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला करार दिया और छत्तीसगढ़ के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए लड़ाई को तेज करने को कहा। प्रशिक्षण के दौरान सोशल मीडिया और तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। राहुल ने जिलाध्यक्षों को जनता की पीड़ा को समझने और उनकी आवाज बनने के लिए प्रेरित किया। दौरे के दौरान सचिन पायलट और वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी जुगलबंदी भी चर्चा का विषय रही।
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