छत्तीसगढ़ में फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाकर CRPF में भर्ती पाने के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने प्रति व्यक्ति 3 से 4 लाख रुपये लेकर फर्जी निवास प्रमाण पत्र तैयार कराए। यह दस्तावेज बलरामपुर और डोंगरगढ़ तहसीलों से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए अवैध रूप से जारी किए गए थे। आरोपियों ने दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जी आधार और पैन कार्ड भी बनाए। इस घोटाले का मुख्य आरोपी विवेक सिंह तोमर बताया गया है, जिसने दर्जनों लोगों को फर्जी प्रमाण पत्र दिलवाए। कई लोगों ने इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर CRPF और अन्य सुरक्षा बलों में नौकरी भी हासिल कर ली। जांच में यह भी सामने आया कि छत्तीसगढ़ राज्य कोटे के कम कटऑफ का फायदा उठाने के लिए दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों ने यह तरीका अपनाया। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।
Source: Source