पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) के कप्तान मार्किन्होस ने चैंपियंस लीग फाइनल के बाद अपने एक भावुक फैसले का खुलासा किया है। पीएसजी ने बुडापेस्ट में खेले गए रोमांचक फाइनल में आर्सेनल को पेनल्टी शूटआउट में हराकर लगातार दूसरी बार यूरोपीय खिताब जीता। जीत के बाद जहां पीएसजी के खिलाड़ी जश्न मनाने में व्यस्त हो गए, वहीं मार्किन्होस सीधे आर्सेनल के डिफेंडर गेब्रियल मागाल्हाएस के पास पहुंचे। गेब्रियल निर्णायक पेनल्टी चूकने के बाद बेहद निराश और भावुक थे। मार्किन्होस ने बताया कि वह अपने हमवतन खिलाड़ी को अकेला नहीं छोड़ना चाहते थे। उन्होंने गेब्रियल को हौसला दिया और कठिन पल से उबरने के लिए प्रेरित किया। मार्किन्होस के अनुसार, फुटबॉल में जीत और हार दोनों खेल का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षणों में खिलाड़ियों को समर्थन की सबसे अधिक जरूरत होती है। कप्तान ने मानवता और खेल भावना को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया। उनके इस व्यवहार की खेल जगत में सराहना हो रही है। प्रशंसकों ने भी इसे सच्चे नेतृत्व और खेल भावना का उदाहरण बताया है। गेब्रियल की निराशा के बीच मार्किन्होस का साथ उनके लिए भावनात्मक सहारा बना। यह घटना दिखाती है कि मैदान पर प्रतिद्वंद्विता के बावजूद खिलाड़ियों के बीच सम्मान और भाईचारा कायम रहता है।
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