वर्ष 2018 में पुरातत्वविद् गुइलेर्मो डी अंडा ने चिचेन इत्ज़ा के पास एक सीलबंद गुफा में प्रवेश कर इतिहास के पन्नों को फिर से खोल दिया। इस गुफा का नाम बालमकु रखा गया है, जो सदियों से बाहरी दुनिया से अछूती रही थी। यहां पुरातत्वविदों को सैकड़ों की संख्या में प्राचीन मायाकालीन अनुष्ठानिक वस्तुएं प्राप्त हुई हैं। ये वस्तुएं माया सभ्यता की गहरी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं। खोज से पता चलता है कि माया लोगों के धार्मिक जीवन में भूमिगत गुफाओं का कितना महत्वपूर्ण स्थान था। यह स्थान माया संस्कृति के गूढ़ रहस्यों को समझने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। सदियों से सुरक्षित ये सामग्रियां अनुष्ठानों की जटिलता को भी उजागर करती हैं। इस खोज ने चिचेन इत्ज़ा शहर के बारे में हमारे पूर्व के दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया है। यह स्थल प्राचीन माया सभ्यता के गौरवशाली और रहस्यमयी अतीत को जीवंत करता है। आने वाले समय में यहाँ से और भी महत्वपूर्ण पुरातात्विक जानकारियां मिलने की संभावना है।
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