चंडीगढ़ के 116 करोड़ रुपये के बहुचर्चित एफडी घोटाले के कथित मास्टरमाइंड विक्रम वधवा की डिफॉल्ट बेल याचिका पर आज जिला अदालत अपना फैसला सुनाएगी। वधवा ने सीबीआई द्वारा निर्धारित समय में चार्जशीट न दाखिल करने का दावा करते हुए जमानत की मांग की है। इस घोटाले में अब तक 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सीबीआई ने अदालत में वधवा की अवैध संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा पेश किया है, जिससे पता चलता है कि सरकारी धन का उपयोग कर उसने चंडीगढ़, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में करीब 69 करोड़ रुपये की आठ महंगी संपत्तियां खरीदीं। इसमें सेक्टर-33 का 24.50 करोड़ का प्लॉट और सेक्टर-21सी का 10 करोड़ का मकान शामिल है। जांच में यह भी सामने आया है कि वधवा ने इन संपत्तियों को अपने करीबियों के नाम पर लिया और फर्जी शेल कंपनियों के जरिए सरकारी धन को रियल एस्टेट में निवेश किया। आरोपियों ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और अन्य विभागों की एफडी के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी दस्तावेज भी बनाए थे। फिलहाल सीबीआई इन संपत्तियों के रिकॉर्ड और निवेश के सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
Source: Source