छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जांजगीर-चांपा जिले के गोधना गांव में घर के भीतर आयोजित प्रार्थना सभा से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने राज्य सरकार के पक्ष में आदेश दिया। अदालत ने इस मामले में एकलपीठ द्वारा 24 मार्च 2026 को दिए गए आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। यह मामला निजी आवास में आयोजित होने वाली प्रार्थना सभाओं को लेकर उठे विवाद से जुड़ा है। राज्य सरकार ने एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया गया। खंडपीठ ने अंतरिम राहत देते हुए पूर्व आदेश के अमल को फिलहाल स्थगित कर दिया। इससे राज्य सरकार को कानूनी राहत मिली है। मामले के अंतिम निपटारे तक वर्तमान स्थिति प्रभावी रहेगी। इस फैसले के बाद संबंधित पक्षों की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत आगे मामले के विभिन्न कानूनी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा करेगी। प्रकरण धार्मिक गतिविधियों और प्रशासनिक अधिकारों के संतुलन से जुड़ा माना जा रहा है। मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
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