मरवाही वनमंडल के बहुचर्चित गोबर खरीदी घोटाले में अब एक नया मोड़ आ गया है। जांच रिपोर्ट में फर्जी साइन और फर्जी सप्लायरों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। इस मामले में प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, नवा रायपुर ने बड़ी कार्रवाई की है। तत्कालीन रेंजर रमेश कुमार खैरवार को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में वे बिलासपुर स्थित सीसीएफ कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। इससे पहले इसी घोटाले में कैंपा फंड शाखा के प्रभारी भूपेंद्र कुमार साहू भी निलंबित किए जा चुके हैं। जांच में सामने आया है कि खरीदी प्रक्रिया में कई स्तरों पर धोखाधड़ी हुई थी। फर्जी दस्तावेजों और गायब सप्लायरों के जरिए सरकारी फंड हड़पा गया। वन विभाग की अब यह भी जांच जारी है कि इसमें और कौन-कौन शामिल थे। यह मामला अब प्रशासनिक भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण बन गया है।
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