हरियाणा के पानीपत में जननायक जनता पार्टी (JJP) ने किसानों की समस्याओं और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर बुधवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्टी पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों को फसलों का उचित मूल्य देने की मांग की। उन्होंने मंडियों में धान की खरीद और उठान में तेजी लाने के साथ चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी अपील की। इस दौरान JJP के राष्ट्रीय महासचिव देवेंद्र कादियान ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 25 पैसे में आजकल टॉफी भी नहीं मिलती, जबकि सरकार ने गेहूं के भाव में महज 25 पैसे प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। कादियान ने इसे किसानों के साथ मजाक बताते हुए कहा कि महंगाई के दौर में इतनी मामूली बढ़ोतरी से किसानों को कोई खास राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने सरकार से खेती की लागत और किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर समर्थन मूल्य तय करने की मांग की। फसल भुगतान में देरी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि दुष्यंत चौटाला के उपमुख्यमंत्री रहने के दौरान किसानों को 72 घंटे में भुगतान मिल जाता था। उनके आरोप के मुताबिक, अब किसानों को भुगतान के लिए एक से डेढ़ महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। कादियान ने पानीपत की अनाज मंडियों में धान की खरीद और उठान की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में उपज का उठान धीमा होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरी करने का आरोप लगाया और दावा किया कि उनकी विधानसभा में पात्र मतदाताओं के नाम भी काटे गए। JJP नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की पैरवी की। हालांकि, चुनावी अनियमितताओं और वोट चोरी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
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