गुरुग्राम-दिल्ली एक्सप्रेसवे के एनएच-48 स्थित सरहौल टोल प्लाजा पर एक कर्मचारी की कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के टोल कर्मचारी ने वैध पास होने के बावजूद एक कैब को रोक लिया। कैब में अंकित बंसल अपनी महिला सहयात्री के साथ सफर कर रहे थे। रेडिशन होटल के पास सरहौल बॉर्डर पहुंचने पर टोल कर्मचारी ने कैब को आगे जाने से रोक दिया। चालक ने कर्मचारी को वैध टोल पास दिखाया, लेकिन इसके बावजूद बैरियर नहीं खोला गया। आरोप है कि सवाल पूछने पर कर्मचारी ने चालक और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। उसने महिला सहयात्री के सामने कथित तौर पर गाली-गलौज भी की। शिकायतकर्ता के अनुसार, कर्मचारी ने डराने के लिए कुल्हाड़ी और लकड़ी का डंडा भी लहराया। कैब में मौजूद एक यात्री ने घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो के माध्यम से दिल्ली नगर निगम और पुलिस अधिकारियों से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वैध पास होने के बावजूद कैब को क्यों रोका गया। सरहौल बॉर्डर पर व्यावसायिक वाहनों से टोल टैक्स और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क वसूला जाता है। इस व्यवस्था के कारण कैब चालकों और टोल कर्मचारियों के बीच विवाद होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस बॉर्डर से रोजाना करीब ढाई से तीन लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहन और ऐप आधारित कैब शामिल हैं।
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