रोहतक में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी कि अमेरिका से होने वाली डील को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस डील के खिलाफ किसान लड़ेंगे, भिड़ेंगे और मरने को तैयार हैं। चढूनी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम ने देश को आज़ाद नहीं करवाया, इसलिए वह देश को गुलाम नहीं बना सकते। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों को बर्बाद करना चाहती है तो किसान चुप नहीं बैठेगा और न ही सरकार को चैन से सोने देगा। चढूनी ने सवाल उठाया कि क्या इंग्लैंड की गुलामी के बाद अब भारत अमेरिका का गुलाम बनेगा? उन्होंने कहा कि भारतीय लोग अमेरिका के गुलाम नहीं हैं और अमेरिका के दबाव में आकर रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। चढूनी ने अमेरिका से होने वाली डील को तीन कृषि कानूनों से भी अधिक घातक बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका का रकबा भारत से सात गुना बड़ा और जनसंख्या चार गुना कम है, वहां प्रति किसान 60 लाख से दो करोड़ रुपए तक सब्सिडी मिलती है। भारत में खेती महंगी है जबकि अमेरिका में सस्ती, ऐसे में अमेरिका 20 रुपए किलो गेहूं बेचेगा तो भारतीय किसान बर्बाद हो जाएगा। चढूनी ने बताया कि अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल 1 से 4 मई तक भारत आ रहा है, जिसका किसान विरोध करेंगे और डील नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीओ के समझौते के तहत सरकार किसान को वैश्विक बाजार से अधिक भाव नहीं दे सकती, जो किसानों के खिलाफ है। चढूनी ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है और जल्द ही कुरुक्षेत्र में बैठक के बाद आंदोलन की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश को गुलाम नहीं बनने दिया जाएगा, चाहे कुछ भी करना पड़े।
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