भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने गगनयान मिशन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत अपने महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के तहत पहले मानवरहित (uncrewed) मिशन को इसी साल लॉन्च करने के लिए पूरी मेहनत से काम कर रहा है। बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि इसरो ने अब तक मिशन की सफलता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 8,000 से अधिक जमीनी परीक्षण पूरे कर लिए हैं। गगनयान एक अत्यंत तकनीक-प्रधान और संवेदनशील परियोजना है, इसलिए मानवीय सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। हालांकि, तकनीकी जटिलताओं और सुरक्षा मानकों के निरंतर मूल्यांकन के कारण मिशन की समयसीमा में बदलाव की संभावना बनी रहती है। चेयरमैन ने कहा कि तीन मानवरहित मिशनों के सफल परिणामों के बाद ही मानवयुक्त मिशन की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हालांकि टीम इसी साल के अंत तक लॉन्च का प्रयास कर रही है, लेकिन सटीक तारीख का निर्णय पूरी तरह से तकनीकी तैयारियों और सुरक्षा ऑडिट की समीक्षा पर आधारित होगा। इसरो ने मिशन के हर चरण को ‘जीरो या 100%’ की सफलता दर पर रखा है, यानी सुरक्षा के मामले में कोई भी जोखिम स्वीकार्य नहीं है। इस मिशन के सफल होने पर भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिनके पास अपनी मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता है।
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