छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में एडवर्ड चिल्ड्रन पार्क और नजूल जमीन को लेकर विवाद फिर चर्चा में है। यह जमीन करीब 85 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल वाली है जिसका मूल्यांकन 40 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। इस मामले में कई अनियमितताओं के आरोप लगे हैं जिससे विवाद गहरा गया है। 52 साल पुरानी रजिस्ट्री पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि उसमें संदिग्ध प्रविष्टियां मिली हैं। सरकारी रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेखों में भी गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। कथित प्लॉटिंग को लेकर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं कि क्या यह वैध थी। स्थानीय लोग लंबे समय से इस विवाद से ग्रसित हैं लेकिन हाल में यह मामला तूल पकड़ गया है। प्रभारी मंत्री ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के संकेत देकर हलचल मचा दी है। अब प्रशासनिक हलकों में इस प्रकरण को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। लोगों की निगाहें अब जांच की दिशा और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं। यह प्रकरण सरकारी जमीन और रिकॉर्ड प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
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