कर्नाटक हाईकोर्ट ने दवा वितरण कारोबार से जुड़े एक मामले में सुनवाई का अवसर देने के अधिकार को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि लाइसेंस निलंबित करने से पहले संबंधित वितरक को अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए। वेलनेस फॉरएवर केमिस्ट्स ने सितंबर 2026 में जारी निलंबन नोटिस को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने वितरक को अपनी बात रखने का अवसर देने पर जोर दिया। अदालत ने कंपनी को कारोबार जारी रखने की अनुमति भी दी है। हालांकि, कुछ उत्पादों से संबंधित प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस फैसले में लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष सुनवाई के महत्व को रेखांकित किया गया है। इससे दवा कारोबार करने वाली कंपनियों के अधिकारों और नियामकीय कार्रवाई के बीच संतुलन का मुद्दा सामने आया है।
Source: Source