इंग्लैंड और वेल्स के बड़े हिस्से में इस सप्ताह आई भीषण गर्मी ने मई महीने के तापमान के नए रिकॉर्ड दर्ज किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गर्मी सिर्फ तापमान के कारण ही नहीं, बल्कि इसके बेहद तेजी से बढ़ने के कारण भी असाधारण रही। सामान्य परिस्थितियों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन इस बार बहुत कम समय में तेज गर्मी महसूस की गई। मौसम वैज्ञानिक इस तरह की अचानक बढ़ने वाली गर्मी को ‘हीट स्पाइक’ के रूप में देखते हैं। ऐसे घटनाक्रम लोगों, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर अचानक दबाव बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञ यह जांच कर रहे हैं कि क्या इस तरह की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक बार देखने को मिल रही हैं। जलवायु परिवर्तन को भी इस प्रवृत्ति से जोड़कर देखा जा रहा है। बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण अत्यधिक मौसम घटनाओं की संभावना बढ़ने की बात कही जाती रही है। अचानक गर्मी बढ़ने से लोगों को तैयारी का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम, विशेषकर बुजुर्गों और कमजोर वर्गों के लिए, बढ़ सकते हैं। मौसम विभाग लगातार ऐसे बदलावों की निगरानी कर रहा है। वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता कैसी रह सकती है। हालिया गर्मी की लहर ने मौसम के तेजी से बदलते स्वरूप पर नई चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते जलवायु पैटर्न को समझना और उसके अनुसार तैयारी करना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
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