छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी मामले में गिरफ्तार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर जांच एजेंसी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) का दावा है कि पार्टी फंड के नाम पर लगभग 800 करोड़ रुपये जुटाए गए। एजेंसी के अनुसार इस धनराशि का प्रबंधन और रिकॉर्ड रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से किया जाता था। जांच में आरोप है कि नकदी बोरी और कार्टन में कांग्रेस भवन लाई जाती थी और बाद में हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली भेजी जाती थी। EOW ने अदालत में पेश दस्तावेजों में अकाउंटेंट और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयानों का हवाला दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि कोल लेवी से 52.62 करोड़ रुपये सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे। कुछ कारोबारियों ने भी अपने बयानों में कथित रूप से धनराशि पहुंचाने की बात स्वीकार की है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अग्रवाल फरारी के दौरान आठ राज्यों में रहे और कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन व पूजा-अर्चना की। एजेंसी के अनुसार वे इस दौरान परिवार, कुछ नेताओं और कारोबारियों के संपर्क में भी थे। मामले की शुरुआत आयकर विभाग की छापेमारी में मिले दस्तावेजों और डायरी से हुई थी, जिसके बाद EOW ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक रिमांड पर भेजा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर अन्य कथित घोटालों में भी आगे कार्रवाई की जा सकती है।
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