कीर्ति आज़ाद ने आरोप लगाया कि काकोली घोष दस्तीदार कैमरे पर 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ी गई थीं। उन्होंने कहा कि ऐसे में उनकी ईमानदारी पर सवाल उठता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे ममता बनर्जी पर रिश्वत के आरोप लगाती हैं, तो उनकी विश्वसनीयता संदिग्ध हो जाती है। कीर्ति आज़ाद ने कहा कि रिश्वत की बात करने वालों को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि शुरुआती आठ लोगों में कितने लोग इसमें शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इन सभी घटनाओं की पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि वे एक दिन सभी सच्चाइयों का खुलासा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे संबंधित नेताओं को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बना रहे हैं। उनके अनुसार, जब 10 लाख रुपये दिए जाएंगे, तभी वे उन्हें पकड़ लेंगे। उन्होंने दावा किया कि यह संभव है क्योंकि जानकारी उनके ही खेमे से बाहर आएगी। उन्होंने कहा कि वे बागी टीएमसी सांसदों पर लगातार नजर रख रहे हैं। यह बयान तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विभाजन संकट के बीच सामने आया है।
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