केरल में एक प्रमुख विपक्षी नेता के आवास पर केंद्रीय एजेंसी ने छापेमारी की, जिसके बाद राज्य में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे। यह रेड संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों में की गई। नेता के समर्थकों ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सड़कों पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बसों में आग लगाई और पुलिस पर पत्थर फेंके। पुलिस ने हिंसा को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। कई पुलिसकर्मी भी इस दौरान घायल हुए। राज्य सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कई इलाकों में धारा 144 लगा दी। विपक्षी दलों ने इस रेड को सरकारी दमन करार देते हुए राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि छापेमारी में कुछ अहम दस्तावेज और संपत्ति के कागजात बरामद हुए हैं। नेता ने खुद को निर्दोष बताते हुए साजिश का आरोप लगाया है। हिंसा के चलते स्कूल-कॉलेज बंद करने पड़े और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। अब तक हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की संख्या 200 से अधिक बताई जा रही है।
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