1. केरल के एक उपभोक्ता आयोग ने एक कोचिंग संस्थान को सेवा में कमी का दोषी पाया है। 2. मामला एक छात्र से 7,000 रुपये फीस लेने के बाद उचित रसीद न देने से जुड़ा था। 3. आयोग ने कहा कि सेवा प्रदाताओं का मूल कर्तव्य सही और पारदर्शी रसीद जारी करना है। 4. इस मामले में कोचिंग संस्थान ने फीस भुगतान की उचित पावती नहीं दी थी। 5. छात्र ने इस मुद्दे को लेकर उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। 6. आयोग ने क्लास की गुणवत्ता से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया। 7. हालांकि, रसीद न देने को गंभीर सेवा कमी माना गया। 8. उपभोक्ता अधिकारों और पारदर्शिता को लेकर आयोग ने सख्त रुख अपनाया। 9. संस्थान को छात्र को 20,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया। 10. साथ ही अतिरिक्त कानूनी खर्च भी चुकाने के निर्देश दिए गए। 11. फैसले में कहा गया कि वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता अनिवार्य है। 12. यह निर्णय उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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