उत्तर प्रदेश के कानपुर में हनुमंत विहार इलाके में 20 अक्टूबर को हुई वीरू सिंह भदौरिया की मौत के मामले में नया खुलासा सामने आया है। शुरुआती तौर पर यह घटना हिट एंड रन का मामला मानी जा रही थी। हालांकि, चश्मदीद गवाह विक्रम ने इसे सुनियोजित हत्या का मामला बताया है। विक्रम के अनुसार, वीरू सिंह भदौरिया को कार से कुचलने की घटना महज सड़क हादसा नहीं थी। उसने दावा किया कि इस वारदात के पीछे पुरानी दुश्मनी थी। चश्मदीद के मुताबिक, घटना को जानबूझकर अंजाम दिया गया। उसके बयान से मामले में साजिश की आशंका सामने आई है। इस दावे के बाद घटना की परिस्थितियों को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। मामला अब केवल वाहन की टक्कर और मौके से फरार होने तक सीमित नहीं रह गया है। चश्मदीद के बयान ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। वीरू सिंह भदौरिया की मौत के पीछे कथित रंजिश की भूमिका की पड़ताल महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, हत्या की साजिश और पुरानी दुश्मनी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की जांच से घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
Source: Source