अभनपुर में चल रहे कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जिलाध्यक्षों को सख्त संदेश दिया है कि उनका पद प्रदर्शन पर आधारित है। संगठन अब ‘वर्क ऑर आउट’ (काम करो या बाहर जाओ) नीति अपना रहा है, जिसके तहत अगले छह महीने तक जिलाध्यक्षों की सक्रियता, जनसंपर्क, संगठन विस्तार और बूथ स्तर पर उनके प्रदर्शन की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। अपेक्षाओं पर खरा न उतरने वाले नेताओं को पद से हटाया जा सकता है। यह संदेश राहुल गांधी की उस बात को पुष्ट करता है जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी का भविष्य जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन से तय होगा। कांग्रेस का उद्देश्य अब गुटीय संतुलन के बजाय जमीनी स्तर पर सक्रिय नेतृत्व तैयार करना है। शिविर में वेणुगोपाल ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए नीट पेपर लीक, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक मुद्दों पर घेराबंदी की। यह आयोजन केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ जिलाध्यक्षों को अपने जिले में पार्टी का चेहरा बनने की चुनौती दी गई है।
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