कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक के दौरे के दौरान खालिस्तान समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को रोकने की कोशिश की और भारत विरोधी नारे लगाए। प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ से जुड़े इंदरजीत सिंह गोसल ने सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे उच्चायुक्त की गाड़ी तक पहुंच बनाई। गोसल ने भारतीय तिरंगे को फाड़ दिया और उसे अपमानित करने की कोशिश की। घटना के दौरान वहां मौजूद भीड़ लगातार भारत विरोधी नारेबाजी करती रही। प्रदर्शनकारियों ने हरदीप सिंह निज्जर हत्या मामले को लेकर भारतीय सरकार पर आरोप लगाए। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय समुदाय में भारी नाराजगी देखी जा रही है। राजनयिक हलकों में भी कनाडा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। लोगों ने सवाल उठाए कि कनाडाई पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा कैसे तोड़ पाए। इंदरजीत सिंह गोसल ने अपने कृत्य को सही ठहराते हुए दावा किया कि उसे जान से मारने की साजिश रची गई थी। उसने आरोप लगाया कि उसके खिलाफ 50 हजार डॉलर की सुपारी दी गई थी। हालांकि उसके दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद भारत-कनाडा संबंधों को लेकर फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। कनाडाई सरकार की चुप्पी और सुरक्षा में चूक पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
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