पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के समन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वह आयोग के अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी के सामने पेश नहीं होंगे। वड़िंग ने दावा किया कि वह संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन आयोग के अध्यक्ष अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यवाही से जुड़ी जानकारियां और वीडियो जानबूझकर सार्वजनिक किए जा रहे हैं ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। यह विवाद उन आरोपों से जुड़ा है जिनमें वड़िंग पर दलित समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। मामले में एक कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप की जांच चल रही है। आयोग ने पहले पुलिस को वॉयस सैंपल और फॉरेंसिक जांच कराने के निर्देश दिए थे। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री के स्रोत की भी जांच कर रही है। दूसरी ओर, वड़िंग ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए संबंधित ऑडियो को फर्जी बताया है। उनका कहना है कि यह पुरानी और कथित रूप से संपादित सामग्री है, जिसे राजनीतिक उद्देश्य से दोबारा प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह अदालत का रुख करेंगे। इस मामले में कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर विवाद लगातार गहराता दिखाई दे रहा है। जांच एजेंसियां और संबंधित संस्थाएं मामले की आगे की जांच में जुटी हुई हैं।
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