अनुभवी अभिनेता एडी मर्फी ने बाहरी प्रशंसा पर अपनी भावनाओं को निर्भर न करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि तारीफों से अत्यधिक खुश होने से आलोचना मिलने पर बहुत गहरा दुख होता है। वह भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की वकालत करते हैं। उनके अनुसार व्यक्ति को जमीन से जुड़ा रहना चाहिए। अपने आत्मसम्मान का नियंत्रण दूसरों की राय को नहीं देना चाहिए। मर्फी ने यह बात अपने जीवन के अनुभवों के आधार पर कही है। उनका मानना है कि सफलता और असफलता दोनों ही अस्थायी हैं। इसलिए हर परिस्थिति में मन को शांत और संतुलित रखना चाहिए। फिल्मी दुनिया में लगातार उतार-चढ़ाव देख चुके मर्फी की यह सीख युवाओं को खूब पसंद आ रही है।
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