भारत का बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा (BFSI) क्षेत्र देश में एआई अपनाने में सबसे आगे माना जा रहा है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार अब केवल एआई के प्रयोग भर से प्रतिस्पर्धा में बढ़त नहीं मिलती। सफल संस्थान वे हैं जिन्होंने अपने मुख्य कारोबारी संचालन को एआई आधारित बना लिया है। एआई की मदद से जोखिम आकलन अधिक सटीक और तेज हो रहा है। बैंक ग्राहक व्यवहार का विश्लेषण कर बेहतर वित्तीय उत्पाद पेश कर रहे हैं। बीमा कंपनियां दावों के निपटान और धोखाधड़ी की पहचान में एआई का उपयोग बढ़ा रही हैं। इससे परिचालन लागत कम होने और दक्षता बढ़ने में मदद मिल रही है। ग्राहक सेवा में भी एआई आधारित समाधान तेजी से अपनाए जा रहे हैं। चैटबॉट और स्वचालित प्रणालियां ग्राहकों को त्वरित सहायता प्रदान कर रही हैं। एआई से राजस्व बढ़ाने के नए अवसर भी सामने आ रहे हैं। संस्थान डेटा आधारित निर्णय लेकर कारोबार का विस्तार कर रहे हैं। डिजिटल परिवर्तन की इस दौड़ में एआई अब वैकल्पिक तकनीक नहीं बल्कि रणनीतिक आवश्यकता बन चुकी है। आने वाले वर्षों में इस तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है।
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