महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। उस्मानाबाद के सांसद ओमप्रकाश राजेनिंबालकर ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व पर सुस्त होने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की खुलकर तारीफ की है। सांसद के इस बयान ने पार्टी के भीतर हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने नेतृत्व पर जमीनी स्तर से कटे होने और निष्क्रियता का आरोप लगाया है। वहीं, सत्तारूढ़ नेताओं की प्रशंसा को राजनीतिक जानकारों ने उनके पाला बदलने के संकेत के रूप में देखा है। यह घटना उद्धव ठाकरे गुट के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है। पार्टी के अंदर बढ़ती यह नाराजगी संगठन की कमजोरी को दर्शाती है। राजनीतिक गलियारों में अब राजेनिंबालकर के भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इस बयानबाजी ने राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। आने वाले समय में यह बगावत किस दिशा में जाएगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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