बालोद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बैंक से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने बैंक प्रबंधन को 45 दिनों के भीतर ऋण निरस्त कर ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया है। मामले में बैंक को वाहन ऋण पर लगने वाले ब्याज का खर्च स्वयं वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने परिवादी को मानसिक पीड़ा के लिए 15 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये देने का आदेश भी दिया है। परिवादी घनश्याम यदु ने हार्वेस्टर ऋण से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 23 लाख 20 हजार रुपये के ऋण और आर्थिक नुकसान को लेकर उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया था। शिकायत के अनुसार बैंक ने बिना सूचना दिए और हार्वेस्टर का भौतिक सत्यापन कराए बिना राशि ट्रांसफर कर दी थी। बैंक ने दिसंबर 2024 में ऋण राशि एक ट्रैक्टर एजेंसी के खाते में स्थानांतरित की थी। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद बैंक की सेवा में कमी मानी।
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