मुंबई के भांडुप में आयोजित एक जनसभा के दौरान उद्धव ठाकरे ने पार्टी में हुई टूट पर खुलकर बात की। उन्होंने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें गद्दार करार दिया। ठाकरे ने स्वीकार किया कि ऐसे लोगों को पार्टी का टिकट देना उनकी सबसे बड़ी गलती थी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का चयन उन्होंने स्वयं किया था, इसलिए वे इसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए उन्होंने कहा कि वे उनके भरोसे को समझ सकते हैं। ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि अब उन्हें पूरी सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पार्टी को फिर से संगठित किया जाएगा। ठाकरे ने कहा कि भविष्य में निष्ठावान लोगों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने पार्टी की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए दल बदलने वाले कभी जनता का भला नहीं कर सकते। ठाकरे ने अपने समर्थकों को एकजुट रहकर संघर्ष करने का मंत्र दिया। यह बयान पार्टी के भीतर मचे घमासान के बीच ठाकरे की एक बड़ी स्वीकारोक्ति मानी जा रही है।
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