विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने कहा है कि पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में ईबोला प्रकोप और सशस्त्र संघर्ष का ‘विनाशकारी टकराव’ हो रहा है। ईबोला का प्रकोप अभी भी जारी है और इसी बीच हिंसा भी बढ़ रही है। WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस अदनोम घेबरेयेसस ने चेतावनी दी कि यह स्थिति बेहद खतरनाक है। इसी बीच, युगांडा ने वायरस को अपने देश में प्रवेश करने से रोकने के लिए अपनी सीमा बंद कर दी है। कांगो में सशस्त्र समूहों की हिंसा के चलते स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मरीजों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। पिछले कई महीनों से कांगो में ईबोला के कई मामले सामने आ रहे हैं। यह बीमारी अत्यधिक संक्रामक है और इससे मृत्यु दर काफी अधिक है। युगांडा की सीमा बंद करने से मानवीय सहायता पहुंचाने में भी रुकावट आएगी। WHO ने स्थानीय प्रशासन और विद्रोही गुटों से सुरक्षित गलियारे बनाने की अपील की है। संघर्ष के चलते अब तक कई टीकाकरण अभियान बाधित हुए हैं। चिकित्सकों को डर है कि हिंसा के कारण वायरस पड़ोसी देशों में फैल सकता है। मौजूदा ईबोला प्रकोप इस क्षेत्र में दशकों में सबसे गंभीर है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी और युद्ध का यह दोहरा संकट मानवीय आपदा पैदा कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तत्काल सहायता बढ़ाने का आग्रह किया है। फिलहाल युगांडा-कांगो सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और निगरानी कड़ी कर दी गई है।
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