इजराइल में युद्धविराम के बाद भी तनाव और अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर वहां के होटल और रेस्तरां कारोबार पर पड़ा है। भारतवंशी रेस्तरां कारोबारी रीना पुष्कर्णा के मुताबिक, युद्ध की शुरुआत से ही ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। बढ़ती लागत, बंदी के घंटे और लोगों का सड़कों से दूर रहना कारोबार के लिए बड़ी समस्या बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहले जिस रेस्तरां में जायका चख चुके थे, उसकी हालत अब बेहद दयनीय है। रेस्तरां मालिक बताते हैं कि सुरक्षा के मद्देनजर कई दिनों तक बिजनेस बंद रखना पड़ता है। पर्यटकों की आवक लगभग ठप हो चुकी है और स्थानीय लोग भी बाहर खाने से बच रहे हैं। कई रेस्तरां तो बंद करने की कगार पर हैं। कर्मचारियों को भी छंटनी का सामना करना पड़ रहा है। खाने के शौकीनों का उत्साह अब खत्म हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि अगर यह हालात बने रहे, तो उद्योग पूरी तरह चरमरा जाएगा। इजराइल से हमारे संवाददाता की यह रिपोर्ट बताती है कि युद्ध का असर सिर्फ जान-माल पर ही नहीं, बल्कि रोजी-रोटी पर भी पड़ा है। फिलहाल यहां के भारतीय रेस्तरां मुश्किल घड़ी से गुजर रहे हैं।
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