इंदौर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी 300 बेड की नई इमारत के बावजूद मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ की कमी के कारण परिजनों को खुद स्ट्रेचर खींचना पड़ रहा है। मरीजों की देखभाल और सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। अस्पताल प्रशासन पर जमीनी हकीकत से अलग दावे करने के आरोप लगाए गए हैं। नई बिल्डिंग और बेहतर सुविधाओं के वादों के बीच कर्मचारियों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की है। अस्पताल में वार्ड बॉय और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों से व्यवस्थाओं को सुधारने और कमियों को दूर करने की अपेक्षा की जा रही है। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की जरूरत बताई जा रही है।
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