इस बार आयकर रिटर्न दाखिल करते समय करदाताओं को नए नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा। अब शादी में मिले उपहार, रिश्तेदारों से प्राप्त गिफ्ट और अन्य करमुक्त प्राप्तियों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और सरकारी योजनाओं के तहत मिली सब्सिडी या अनुदान का भी उल्लेख करना होगा। वसीयत, संयुक्त हिंदू परिवार के बंटवारे से मिली संपत्ति और कृषि भूमि की बिक्री जैसी जानकारियां भी रिटर्न में दर्ज करनी होंगी। इन पर कर छूट जारी रहेगी, लेकिन जानकारी छिपाने पर कार्रवाई हो सकती है। गलत या अधूरी जानकारी देने पर जुर्माना और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। विशेषज्ञों ने रिटर्न भरने से पहले बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म-16, फॉर्म-26एएस, एआईएस और टीआईएस का मिलान करने की सलाह दी है। करदाताओं को सभी संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। यदि रिटर्न दाखिल करने के बाद कोई जानकारी छूट जाए तो संशोधित रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। नौकरीपेशा और अन्य पात्र करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित है। तय समय के बाद रिटर्न भरने पर आय के अनुसार विलंब शुल्क और बकाया कर पर ब्याज देना पड़ सकता है। नए प्रावधानों का उद्देश्य आय और करमुक्त प्राप्तियों का अधिक पारदर्शी विवरण सुनिश्चित करना है।
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