छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के मुंगेलीनाका क्षेत्र में पदस्थ आंगनबाड़ी सुपरवाइजर मनप्रीत कौर छाबड़ा पर अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। ये आरोप एक शिकायतकर्ता ने लगाए थे, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू हुई। हालांकि, सुपरवाइजर के समर्थन में उतरी कार्यकर्ताओं ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता ने खुद अपने बयान में कहा है कि ये आरोप पूरी तरह गलत और असत्य हैं। समर्थकों के अनुसार, शिकायतकर्ता पर किसी ने दबाव बनाकर झूठा मामला दर्ज कराया था। अब वह अपनी शिकायत वापस लेने के लिए तैयार है। इस घटना से प्रशासनिक अफरा-तफरी मच गई है। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर ने भी अपने खिलाफ लगे आरोपों को साजिश बताया है। वहीं, विपक्षी दलों ने यह मामला उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग अलग-अलग जांच कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के मुड़ने से अब प्रशासन के लिए मामला उलझन भरा हो गया है। स्थानीय लोगों में दो खेमे बंट गए हैं। कुछ सुपरवाइजर की बेगुनाही पर यकीन कर रहे हैं, तो कुछ अभी भी भ्रष्टाचार के आरोपों को सही मान रहे हैं। इस पूरे प्रकरण से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी असर पड़ा है। अब अगली सुनवाई या जांच रिपोर्ट आने तक मामला अटका हुआ है।
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