समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या के कथित ‘रिकॉर्ड तोड़’ दौरों की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की है। उनकी इस मांग से राम मंदिर निधि में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। यादव ने अयोध्या से जुड़े कुछ मामलों पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया था कि राज्य सरकार द्वारा गठित SIT सच्चाई सामने लाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के बाद सभी तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। विवाद तब शुरू हुआ जब अखिलेश यादव ने कथित रूप से बिना हिसाब वाली दानराशि को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद भाजपा और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जनता को गुमराह करने के आरोप लगाए हैं। विपक्ष ने वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता की मांग की है। वहीं भाजपा ने आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताया है। SIT जांच को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जांच रिपोर्ट को लेकर सभी पक्षों की नजरें अब SIT की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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